चिट्ठियों की आत्मीयता से डिजिटल युग की दहलीज़ तक—डाक की नई उड़ान

चिट्ठियों की आत्मीयता से डिजिटल युग की दहलीज़ तक—डाक की नई उड़ान

चिट्ठियों की आत्मीयता से डिजिटल युग की दहलीज़ तक—डाक की नई उड़ान

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में Gen-Z Post Office का भव्य शुभारंभ

परंपरा, प्रौद्योगिकी और युवा आकांक्षाओं के त्रिवेणी-संगम का साक्षी बना विश्वविद्यालय परिसर

बिलासपुर न्यूज / समय बदलता है, संचार के माध्यम बदलते हैं, तकनीक अपनी गति से नए क्षितिज रचती है, किंतु विश्वास और आत्मीयता की डोर कभी पुरानी नहीं होती। इसी विश्वास को आधुनिक तकनीक की गति और युवा आकांक्षाओं की ऊर्जा से जोड़ते हुए गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय डाक विभाग के Gen-Z Post Office का गरिमामय शुभारंभ संपन्न हुआ।

यह केवल एक डाकघर का उद्घाटन नहीं, बल्कि डाक की गौरवशाली विरासत को नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और युवा चेतना से जोड़ने की एक अभिनव पहल है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उनके परिसर में ही आधुनिक डाक सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स, बचत, बीमा तथा फिलाटेली जैसी विविध सेवाओं से सहज रूप से जोड़ना है।

स्वागत उद्बोधन में नवाचार की पहल का अभिनंदन

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रवर अधीक्षक डाकघर, बिलासपुर डाक संभाग श्री बी. एल. जांगड़े ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल, अध्यक्षता कर रहे मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री प्रणव कुमार, विशिष्ट अतिथि कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित सहित विश्वविद्यालय परिवार एवं उपस्थित सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में Gen-Z Post Office का शुभारंभ डाक विभाग की परंपरा और आधुनिकता के अभिनव समागम का प्रतीक है। यह पहल युवा पीढ़ी को डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ जनसेवा की उस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी, जिसकी नींव विश्वास और सेवा-भाव पर टिकी है।

“चिट्ठी आज भी केवल संदेश नहीं, भावनाओं की विरासत है”

समारोह के मुख्य अतिथि माननीय प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल, कुलपति, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने भारतीय डाक की विश्वसनीयता और जनसेवा की दीर्घ परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय डाक विभाग निःसंदेह अपनी विश्वसनीयता, जनसेवा और जनमानस से आत्मीय जुड़ाव के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में संचार के अनेक माध्यम उपलब्ध होने के बावजूद चिट्ठियों का अपना एक भावलोक है। एक पत्र केवल शब्दों का संप्रेषण नहीं, बल्कि उसमें भावनाएँ, स्मृतियाँ और रिश्तों की गर्माहट संचित रहती है, जिन्हें आने वाली पीढ़ियाँ भी सहेजकर रख सकती हैं।

उन्होंने Gen-Z Post Office को विश्वविद्यालय की युवा पीढ़ी के लिए एक सार्थक एवं अभिनव सुविधा बताते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने आने वाले विद्यार्थियों के लिए परिसर में ही सुरक्षित, सहज और आधुनिक डाक सेवाओं की उपलब्धता विशेष उपयोगी होगी।

कुलपति महोदय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे डाक विभाग को केवल पत्रों के आदान-प्रदान तक सीमित न समझें, बल्कि इसके विस्तृत सेवा-संसार से परिचित हों। उन्होंने युवाओं से पार्सल सेवाओं, फिलाटेली, बचत योजनाओं एवं बीमा सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर इन्हें अपने भविष्य की आर्थिक सुदृढ़ता से जोड़ने का आग्रह किया।

नवाचार की यात्रा में एक और उज्ज्वल पड़ाव

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय को नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए Gen-Z Post Office को भी इसी नवोन्मेषी दृष्टि और दूरदर्शी सोच की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया।

विश्वविद्यालय में स्वाभिमान थाली, अनुसंधान एवं अन्य नवाचारपरक पहलों के माध्यम से निरंतर नई संभावनाओं के द्वार खोले जा रहे हैं। इसी क्रम में परिसर में Gen-Z Post Office का शुभारंभ युवा सुविधा, आधुनिकता और संस्थागत नवाचार के समन्वय का एक नया अध्याय है।

“युवा डिजिटल डाक सेवाओं से जुड़ें और Gen-Z Post Office को अनुभव करें”

समारोह की अध्यक्षता कर रहे माननीय श्री प्रणव कुमार, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल ने विद्यार्थियों से डाक विभाग की डिजिटल सेवाओं से जुड़ने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित यह आधुनिक तकनीक से सुसज्जित Gen-Z Post Office बदलते समय और बदलती युवा आवश्यकताओं के अनुरूप डाक विभाग की नई कार्य-संस्कृति का परिचायक है।

उन्होंने विद्यार्थियों से इस आधुनिक डाकघर का भ्रमण करने तथा पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवाओं, बचत, बीमा, फिलाटेली सहित विभाग की विविध सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह डाकघर विद्यार्थियों को पारंपरिक सेवा-केंद्र की सीमाओं से आगे बढ़कर सुविधा, तकनीक और आत्मीय वातावरण का नया अनुभव प्रदान करेगा। कैफे जैसे सहज वातावरण, वातानुकूलित सुविधा एवं आधुनिक तकनीक से युक्त यह केंद्र युवाओं को डाक सेवाओं से जोड़ने का नया अनुभव प्रदान करेगा।

युवाओं को डाक की आधुनिक सेवाओं से जोड़ने की पहल

इसी दिशा में मार्केटिंग हेड, बिलासपुर डाक संभाग, सुनीता द्विवेदी द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं युवा वर्ग को डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं से जोड़ने तथा विशेष रूप से पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स, बचत, बीमा एवं फिलाटेली के प्रति जागरूक करने की दिशा में निरंतर जनसंपर्क एवं समन्वय किया गया।

उनका प्रयास रहा कि Gen-Z Post Office युवाओं के लिए केवल डाकघर न होकर सेवा, सुविधा, डिजिटल तकनीक और आर्थिक सशक्तीकरण का जीवंत मंच बने। युवा पीढ़ी को डाक विभाग की सेवाओं से जोड़ते हुए पार्सल व्यवसाय एवं लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराने पर भी विशेष बल दिया गया।

पार्सल सेवा : युवा उद्यमिता और संभावनाओं का नया सेतु

वर्तमान समय में ई-कॉमर्स और डिजिटल व्यापार के विस्तार के साथ पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स सेवाओं की भूमिका निरंतर व्यापक हो रही है। Gen-Z Post Office के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं युवा उद्यमियों को भारतीय डाक की पार्सल सेवाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

डाक विभाग का विस्तृत नेटवर्क युवाओं की आवश्यकताओं, उनके उत्पादों और व्यापारिक गतिविधियों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाने में एक विश्वसनीय माध्यम बन सकता है। विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों से आग्रह किया गया कि वे डाक विभाग की पार्सल सेवाओं को समझें और अपनी आवश्यकताओं तथा व्यापारिक गतिविधियों में इसका लाभ उठाएँ।

विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से साकार हुआ नवाचार

Gen-Z Post Office की इस अभिनव परिकल्पना को साकार करने में विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल जी के मार्गदर्शन तथा माननीय कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित जी के सहयोग और समन्वय से विश्वविद्यालय परिसर में यह अभिनव पहल आकार ले सकी।

कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित जी का सहयोग एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की सक्रिय सहभागिता इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रही। विश्वविद्यालय और डाक विभाग के इस समन्वय ने युवा सुविधा, तकनीकी नवाचार और जनसेवा के बीच एक सशक्त सेतु निर्मित किया है।

सहयोग और सहभागिता ने समारोह को बनाया सार्थक

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रवर अधीक्षक डाकघर, बिलासपुर डाक संभाग श्री बी. एल. जांगड़े ने माननीय कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल जी, माननीय कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित जी तथा विश्वविद्यालय के समस्त प्रोफेसर्स, स्टाफ, छात्र-छात्राओं एवं डाक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, सहभागिता और उत्साह ने इस अभिनव आयोजन को सफल ही नहीं, बल्कि सार्थक स्वरूप प्रदान किया।

समापन अवसर पर श्री जांगड़े ने युवाओं का विशेष रूप से आह्वान करते हुए कहा कि डाक विभाग केवल अतीत की स्मृतियों का वाहक नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का विश्वसनीय सहयात्री भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं को जानें, उनसे जुड़ें और अपने जीवन, शिक्षा, बचत, बीमा तथा उद्यमिता की आवश्यकताओं में उनका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जब युवा डाक से जुड़ेंगे, तो डाक केवल उनके संदेश ही नहीं, बल्कि उनके सपनों और संभावनाओं को भी देश के कोने-कोने तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

गरिमामयी उपस्थिति से भव्य हुआ समारोह

समारोह में विशिष्ट अतिथि माननीय कुलसचिव श्री अश्विनी दीक्षित, सहायक निदेशक श्री राजपाल, डिप्टी सुपरिटेंडेंट डाकघर श्रीमती गुलनाज नसरीन खान, सहायक अधीक्षक श्री गणेश राम देवांगन, सहायक अधीक्षक श्री अरुण तिवारी, उपसंभागीय निरीक्षक श्री बृजनंदन सेन सहित विश्वविद्यालय एवं डाक विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सम्माननीय प्रोफेसर्स, समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं तथा डाक विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को भव्यता प्रदान की।

एक डाकघर नहीं, भविष्य से संवाद का नया द्वार

Gen-Z Post Office उस बदलते भारत की तस्वीर है, जहाँ विरासत और आधुनिकता आमने-सामने नहीं, बल्कि साथ-साथ कदमताल करती हैं। जहाँ चिट्ठियों की संवेदना डिजिटल तकनीक की गति से मिलती है और जहाँ डाकघर केवल संदेश पहुँचाने का माध्यम नहीं, बल्कि युवा सपनों, आर्थिक सशक्तीकरण, उद्यमिता और राष्ट्र की विकास यात्रा से जुड़ने का माध्यम बनता है।

यह पहल विश्वविद्यालय परिसर में डाक की विश्वसनीय विरासत, आधुनिक तकनीक और युवा ऊर्जा के संगम को नई दिशा प्रदान करती है तथा आने वाले समय में विद्यार्थियों को डाक विभाग की सेवाओं से और अधिक आत्मीयता से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है।

// रितेश केशरी कि रिपोर्ट बिलासपुर छ ग//