जमीन फर्जीवाड़ा मामले में एक नया खुलासा भू-माफियाओ ने रचा नया इतिहास
रायपुर न्यूज / जमीन फर्जीवाड़ा मामले में एक नया खुलासा भू-माफियाओ ने रचा नया इतिहास जमीन रजिस्ट्री करने के बाद प्रमाणीकरण के दौरान लगाया गया आपत्ति आवेदन, पर सवाल यह खडा होता है कि क्या नियमत: भूमि विक्रेता द्वारा ऐसा किया जाना उचित है, मालूम हो कि यह मामला पटवारी हल्का नंबर 108/37 गोंदवारा तहसील व जिला रायपुर छ ग भूमि खाता क्रमांक 1161 खसरा नंबर 699/4 रकबा 1000, वर्गफूट कि भूमि का फर्जीवाड़ा किया गया है पीड़ित महिला द्वारा बार-बार अपनी भूमि के संबंध में गुहार लगाती रही पर आज तक उक्त महिला को भूमि नहीं सौंपा गया ना ही मकान बनाकर दिया गया बल्कि भूमाफियाओं द्वारा दूसरे की जमीन पर बनी मकान का फोटो व अन्य का मकान दिखाकर तथा फर्जी दस्तावेज के सहारे बैंक फायनेंस भी करवा दिया गया और उक्त भूमि पर बनें किसी और का मकान दिखा गया जब पीड़ित महिला को भूमि फर्जीवाड़ा कि भनक लगी तो उन्होंने तमाम विभागों में शिकायत कि गई साथ ही थाना खमतराई पुलिस में शिकायत पश्चात भी कहीं सुनवाई नहीं हुई ,मालूम हो कि भूमाफियाओं कि इतनी पकड जबरदस्त है कि पीड़ित महिला कि शिकायत पर कहीं भी सुनवाई नहीं हो पा रही है पीड़ित महिला का भूमि सौदा वर्ष 2013 में सौदा 20 लाख रुपए में किया गया है रजिस्ट्री पश्चात विक्रेता भूमाफिया मिलकर उक्त जमीन किसी और के नाम रजिस्ट्री कर बेच दिया गया है तहसीलदार व पटवारी दस्तावेज में पाया गया कि पीड़ित महिला के नाम पर पंजीकृत (रजिस्ट्री भूमि)उक्त भूमि पीड़ित महिला के नाम हस्तांतरित नहीं किया गया नहीं है ना ही उक्त भूमि खाते में जमीन बची है जबकि उसे बेचने का अधिकार विक्रेता को नहीं है। पीड़ित महिला के साथ धोखाधड़ी और दस्तावेजों में कूटरचना कर बैंक से फायनेंस भी किया गया है उसके बावजूद विक्रेता और भूमाफिया ने पीड़ित महिला कि भूमि बेचकर धोखाधड़ी करते पाया जा रहा है।
मालूम हो कि आज विजयादशमी है बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्यता पाई गई है जिससे यह प्रमाणित होता प्रतीत हो रहा है कि आज भी असत्य पर सत्य कि जीत होती है क्योंकि पीड़ित महिला वर्ष 24 अक्टूबर 2013 से आज तक असमंजस कि स्थिति में रही है कि उनकी पंजीकृत भूमि का असलियत मामला क्या है अब पीड़ित महिला को सारे साक्ष्य दस्तावेज हासिल हो गए हैं जिससे सारे साक्ष्य के साथ अब इन भूमिकाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया जा सके।
अब देखना बाकी है कि पीड़ित महिला को न्याय मिलतीं है कि भूमाफियाओं द्वारा धमकी या मामला दबाने के लिए आश्वासन, जल्द ही एक और धोखाधड़ी का मामला जल्द ही उजागर किया जाऐगा, झूठ से सामना - सच के साथ,





