पूर्व विधायक ने रेल जमीन पर अवैध अतिक्रमण करने पर रखी जांच की मांग, पीड़ित विधवा महिला ने लगाई न्याय की गुहार
रायपुर न्यूज / रेलवे की जमीन को अवैध तरीके से प्लाट / फ्लैट / मकान बनाकर बेचे जाने का बड़ा खुलासा - कई लोगों द्वारा रेलवे जमीन बेचे जाने की शिकायत दबी जुबान से लगातार खबरें आ रही थी जिसे उक्त ख़बर को पीड़ित महिला ने पुष्टि करते हुए 25/06/2025 को मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष शिकायत कर रेलवे जमीन बेचे जाने की पुष्टि करते हुए शिकायत की गई।
मालूम हो कि पीड़ित महिला श्रीमती एम लक्ष्मी (विधवा पीड़ित महिला) ने मंडल रेल प्रबंधक से शिकायत कर बताया गया कि पूर्व रेलकर्मी टी गोपी द्वारा विगत वर्ष 2013 में एक मकान / फ्लैट का सौदा तय कर रजिस्ट्री पंजीकृत किया गया था साथ ही बैंक ऑफ इंडिया से बैंक फायनेंस भी किया गया परन्तु उस पीड़ित महिला को यह एहसास तक नहीं हुआ कि उसके साथ बड़ा खेल खेला जा रहा है एक लम्बे अरसे बाद उस पीड़ित महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ बड़ा धोखा देकर रेल भूमि पर मकान / फ्लैट बनाकर बेचा गया है शिकायत पत्र में पीड़ित महिला ने शिकायत कर आरोप लगाया है कि पूर्व रेल कर्मचारी एवं बिल्डर्स टी गोपी द्वारा मुझे डाऊन बाईपास रेल लाइन के करीब दिनांक 24 अक्टूबर 2013 में एक मकान / फ्लैट का सौदा किया गया मकान / फ्लैट का खसरा नंबर 699/4 का भाग एक अन्य महिला के नाम पर होने से टी गोपी द्वारा रजिस्ट्री पंजीकृत कराया गया है टी गोपी (डी आर एम आफिस) मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय रेल विभाग में कार्यालय अधीक्षक पद पर कार्यरत रहते हुए मकान / फ्लैट सौदे के दौरान मुझे अपने कार्यालय मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय बुलवाकर किसी पेपर दस्तावेज में हस्ताक्षर किए जाने के पश्चात अन्य व्यक्ति बैंककर्मी को उक्त पेपर सौंपा गया परन्तु जब मैं रेल विभाग में कार्यरत नहीं हूं उसके पश्चात टी गोपी मुझे मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बैठाकर पेपर दस्तावेज में हस्ताक्षर किस आधार पर करवाया गया क्या मुझे टी गोपी द्वारा रेलकर्मी बताया / बनाया गया है उसी दौरान वर्ष 2013 में टी गोपी के द्वारा एक अन्य महिला के नाम पर दर्ज मकान / फ्लैट का रजिस्ट्री पंजीकृत कर बैंक ऑफ इंडिया पंडरी शाखा से बैंक फायनेंस (लोन) करवाया गया वर्ष 2013 से आज दिनांक तक मेरे द्वारा कहने जाने / मांगे जाने के बावजूद उक्त मकान / फ्लैट का पंजीकृत का बी 1, नहीं दिया गया है मुझे शंका है कि टी गोपी द्वारा मुझे रेल भूमि पर निर्माण मकान / फ्लैट को बेचा गया है तभी मुझे आज दिनांक तक बी 1, दस्तावेज नहीं दिया जा रहा है।
टी गोपी रेल नौकरी में रहते हुए बिल्डर्स का काम भी करते आ रहा है तथा अवैध निर्माण किए जाने को लेकर नगर पालिक निगम खमतराई द्वारा टी गोपी को वर्ष 31/03/2015 , वर्ष 22/04/2015 , वर्ष 08/06/2015 को नोटिस जारी किए जाने के पश्चात नगर पालिक निगम द्वारा टी गोपी द्वारा बनाया गया सात दुकानों को तोड़ा गया मेरे पास इस बात का प्रमाण है कि टी गोपी रेल नौकरी के दौरान अवैध निर्माण कर बिल्डर्स का काम भी करते आ रहा है मुझे वर्तमान में जानकारी हुई है कि जिस स्थान पर मुझे टी गोपी ने मकान / फ्लैट सौदा कर बेचा है उक्त स्थान (भूमि)रेल विभाग की है शायद यही वजह रही है कि वर्ष 2013 से आज दिनांक तक मेरे मकान / फ्लैट का बी 1, दस्तावेज पटवारी हल्का नंबर 108 / 38 रा,नि,मं रायपुर तहसील व जिला रायपुर छ ग द्वारा जारी नहीं किया जा रहा है टी गोपी रेल विभाग में नौकरी के दौरान रेलवे क्षेत्र अंतर्गत गोंदवारा फाटक गेट नं 424 अप बाईपास रेल लाइन / गोंदवारा अंडरब्रिज के बाईं ओर शिवानंद नगर से गुढियारी जाने वाली मार्ग अंडरब्रिज दिवाल से लगकर रेल भूमि पर अवैध निर्माण कर बेचा गया है साथ ही अप बाईपास रेल लाइन से लगकर रेल भूमि पर अवैध निर्माण कर दुसरे व्यक्तियों के नाम से मकान बनाकर बेचा गया है तथा वर्तमान में गोंदवारा फाटक गेट नं 424 डाऊन बाईपास रेल लाइन से लगकर रेल भूमि पर पुनः अवैध निर्माण किया जा रहा है पूर्व में जिन - जिन लोगों को बाईपास रेल लाइन किनारे मकान / फ्लैट बेचा गया है उन सभी को भी आज दिनांक तक पंजीकृत बी 1, दस्तावेज नहीं दिया गया है जिसका प्रमाण मेरे पास मौजूद हैं अगर टी गोपी ने अपनी निजी स्वामित्व भूमि बताकर मकान फ्लैट बनाकर बेचा गया तो आज दिनांक तक पटवारी कार्यालय एवं तहसील व जिला रायपुर छ ग द्वारा पंजीकृत भूमि का बी 1, दस्तावेज किन कारणों से नहीं दिया जा रहा है, यह जांच का विषय है टी गोपी द्वारा ही बैंक ऑफ इंडिया से मेरी मकान / फ्लैट का फायनेंस (लोन) करवाया गया है बैंक ऑफ इंडिया में उपलब्ध टी गोपी द्वारा जमा कि गई दस्तावेज कि निष्पक्ष जांच किया जाए जिससे यह मालूम हो सकें कि टी गोपी द्वारा मुझे अपने नौकरी के दौरान अपने आफिस में बुलवाकर तथा बैंक ऑफ इंडिया के बैंककर्मी को बुलवाकर कौन - कौन से दस्तावेज दिया गया है पूर्व रेलकर्मी टी गोपी पर रेल भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने / रेल भूमि को अपनी निजी स्वामित्व भूमि बताकर मकान / फ्लैट बनाकर बेचने / रेल सम्पत्ति को नुक़सान पहुंचाकर चोरी कर बेचने का आरोप लगाते हुए
लिखित शिकायत कि हैं साथ ही कहा गया कि पूर्व रेलकर्मी टी गोपी द्वारा नौकरी किए जाने के दौरान तथा वर्तमान समय में गोंदवारा फाटक गेट नं 424 डाऊन बाईपास रेल लाइन कि ओर रेल भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है पीड़ित महिला द्वारा बताया गया कि टी गोपी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी थाना खमतराई को भी लिखित शिकायत कि गई है पीड़ित विधवा महिला की शिकायत थाना खमतराई पुलिस ने जांच को गंभीरता से लेते हुए बैंक ऑफ इंडिया से बैंक में उपलब्ध पीड़ित महिला के (बैंक फायनेंस) से संबंधित दस्तावेज की प्रति मंगवाईं गई है जिसकी जांच किया जा रहा है पीड़ित विधवा महिला ने पुलिस अधीक्षक / थाना प्रभारी थाना खमतराई पुलिस एवं मंडल रेल प्रबंधक से निष्पक्ष जांच किए जाने एवं न्याय दिलाने की गुहार लगाई गई है।
ज्ञात हो कि कुल दिनों पहले पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने रेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर पूर्व रेलकर्मी टी गोपी की शिकायत करते हुए बताया गया कि शिवानंद नगर खमतराई में लगातार रेलवे की जमीन को अवैध तरीके से प्लाट एवं मकान बनाकर बेचे जाने का खेल कई वर्षों से चल रहा है पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने वरिष्ठ अधिकारी एवं जीएम के सामने रेलवे के पूर्व कर्मचारी टी. गोपी की शिकायत भी की है कि इसके द्वारा शिवानंद नगर खमतराई में लगातार रेलवे की जमीन को अवैध तरीके से प्लाट एवं मकान बनाकर बेचे जाने का खेल कई वर्षों से चल रहा है लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई गोंदवारा अंडर ग्राउंड ब्रिज के दिवाल से लगकर लेफ्ट साईड (श्रीनगर - शिवानंद नगर से गुढियारी जाने वाली मार्ग) की ओर टी. गोपी की जो कॉलोनी बनाई गई है वह पूरा रेलवे की जमीन है उस जमीन को संगम नायडू जी को रेलवे ने खेती करने के लिए दिया था जिसमें टी. गोपी ने खाता सेट करके (अन्य खाता खसरा नंबर) बैठाकर मकान बनाकर बेच दिया गोंदवारा अंडर ग्राउंड ब्रिज के राईट साईड जो डेयरी है उसके पीछे भी पूरा रेलवे की जमीन है जिसमें मकान बनाकर बेचा गया है , शिवानंद नगर में अग्रवाल पटाखा दुकान के सामने एक और डेयरी है तिवारी जी की उससे होते हुए विनायक गार्डन जाता है जिसमें हाल ही में एक मंदिर का निर्माण हुआ है और करीब 25 से 30 मकान पूरा रेलवे की जमीन में बना दिया गया है जिस भूमि पर सड़क बनाया गया वह रोड भी रेलवे जमीन की है रेलवे के पटरी तरफ बड़ा बाउंड्रीवाल खड़ा करके अंदर में अभी भी मकान का निर्माण चल रहा है साथ ही राधा कृष्ण मंदिर के बाजू से रेलवे पटरी तरफ जाकर वहां भी टी गोपी ने कुछ मकान बनाए हैं मंदिर से आगे जाकर उल्टे हाथ तरफ भी इसने कुछ मकाने बनाई हैं रेलवे के जमीन में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि जीविका यापन के लिए पहले रेलवे के कर्मचारियों को रेल जमीन लीज में दी जाती थी जिसे कुछ रेल कर्मचारियों द्वारा बेच दिया जाता था जिसका फायदा उठाते हुए टी गोपी ने अपना खेल खेलते हुए कई लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हुए अपनी निजी स्वामित्व भूमि बताकर रेल भूमि में मकान फ्लैट बनाकर बेचा गया है जिसकी जाँच करने की मांग रखी गई है सूत्रों के अनुसार राजधानी हलचल को खबर मिली है कि अप बाईपास रेल लाइन के किनारे बने रेल भूमि मकानों कि रजिस्ट्री पंजीकृत हो तो गया है परन्तु बी 1 पांच साला दस्तावेज किसी भी मकान फ्लैट खरीददारो की नहीं बनी है ठीक इसी प्रकार गोंदवारा अंडरब्रिज के बाईं ओर बांऊडरीवाल से लगकर रेल भूमि पर बने मकानों की भी रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात बी 1 पाचसाला दस्तावेज नहीं है ना ही बनी है अगर जिन - जिन लोगों के नाम से उक्त भूमि पर मकान फ्लैट बनाकर बेचा गया है अपना निजी स्वामित्व बताकर तो फिर किन कारणों से खरीददारों को रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात बी 1 पाचसाला दस्तावेज उपलब्ध क्यों नहीं करवाया गया है। परन्तु एक सवाल बार-बार लोगों के ज़हन में आ रहा है कि एक रेलकर्मी नौकरी के दौरान तथा नौकरी से वी आर (स्वयं रेल नौकरी त्यागने ) के पश्चात रेल भूमि को अपनी निजी स्वामित्व भूमि बताकर मकान फ्लैट अन्य - अन्य लोगों के नाम से खाता बैठाकर बेचा जाना गंभीर विषय है रेल विभाग के नाक के नीचे इतनी बड़ी रेल भूमि की चोरी किया जाना, धोखाधड़ी किया जाना बहुत बड़ी बात है रेल विभाग आज तक गहरी नींद मे सोई हुई है या फिर रेल विभाग के कुछ वरिष्ठ कर्मीयों का संरक्षण प्राप्त है चूंकि इतने बड़े तादाद में रेल भूमि का बंदरबांट किया जाना और वह भी अकेला यह कैसा संभव है शायद तभी रेल विभाग को शिकायत करने पर किसी प्रकार जांच कार्यवाही नहीं किया जाना बड़ी सवालिया निशान लग रहें हैं तथा रेल विभाग के कार्य प्रणाली पर भी संदेह पैदा कर रही है अब यह देखना बाकी है कि पीड़ित विधवा महिला के शिकायत एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के शिकायत मांग पर रेल विभाग क्या ठोस कदम उठातीं है।





