पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के पश्चात भी अपराधियों में पुलिस का खौफ कम नहीं हुआ

पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के पश्चात भी अपराधियों में पुलिस का खौफ कम नहीं हुआ

रायपुर न्यूज / पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के पश्चात भी अपराधियों में पुलिस का खौफ कम नहीं हुआ पुलिस जिस मुस्तैदी से अपनी कार्य कर अपराधियों के अपराध पर अंकुश लगा रही है तथा आदतन अपराधियों को जेल कि हवा खिला रही है ऐसा कार्यवाही पूर्व से अत्यधिक प्रभावशील के रूप में देखा जा सकता है पुलिस कमिश्नर प्रणाली कार्य प्रशंसनीय / तारीफे काबिल हैं परंतु देखा ऐसा भी जा रहा है कि अपराधियों में तथा कुछ ऐसे समूह - दल के लोग मोहल्ले में अपनी रसूख जमाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं हाल ही में कुछ ऐसे जगहों - मोहल्लों में देखा जा सकता है, ऐसे ही एक मामला थाना खमतराई क्षेत्र शिवानंद नगर झंडा चौक में देखने में मिल रहा है मालूम हो कि शिवानंद नगर झंडा चौक निवासी शिकायतकर्ता प्रफुल्ल झाड़े पिता नरेंद्र झाड़े ने बताया कि दिनांक 05/03/2026 के रात में अपने घर के पास अपने भाई विकास झाड़े व मित्र मुकुल वर्मा के साथ बात करते बैठे हुए थे तभी रात 11:30 बजे मोहल्ले के पीयूष कुमार अपने साथी अक्षत पाण्डेय ,अल्ताफ, बबलू,, हर्ष व अन्य लोगों के साथ बिना वजह मां - बहन की गाली - गलौज देने लगें जब गाली-गलौज देने से मना करने पर पीयूष व अन्य साथी गाली गलौज कर जान से मारने कि धमकी देते हुए मारपीट किया गया शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपीगण अपने साथ लाठी - डंडे से लैस होकर मारने कि नीयत से आएं थे मारपीट के दौरान प्रफुल्ल झाड़े के सिर, आंख के ऊपर नीचे, चेहरे व विकास झाड़े के चेहरे,गाल व कान तथा मुकुल वर्मा के पसली - पीठ तथा आंख में गहरी जख्मों के चोट पाए गए हैं शिकायतकर्ता के शिकायत पर थाना खमतराई पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी पीयूष कुमार, अक्षत पाण्डेय, अल्ताफ , बबलू ,व हर्ष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस 2023) के तहत धारा 296,115(2),351(2),191(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया परंतु सूत्रों के अनुसार बताया गया कि अगर कुछ लोगों द्वारा बीच - बचाव नहीं किया जाता तो शायद किसी ना किसी कि जान जा सकती थी साथ ही बताया गया कि जिस प्रकार मारपीट किया गया यह सुनिश्चित ढंग से मारने कि नीयत से ही इस प्रकार घटना को अंजाम दिया जाना इस बात कि ओर इशारा करती है कि पुलिस का खौफ नहीं रहा जहां एक ओर पुलिस अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगा रही हैं वहीं कुछ ऐसे ही लोग शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र में अपने अपराधिक घटनाओं को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म सा होते नजर आ रहा है ऐसे लोगों पर पुलिस का खौफ,डर, प्रशासकीय डंडा चलाया जाना अत्यंत आवश्यक है जिससे असमाजिक तत्वों के मन में पुलिस का खौफ रहे व अपराध करने से रोका जा सके साथ ही आमजनों को भी जागरूक होकर ऐसे असमाजिक तत्वों / घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस कि सहयोग किया जा सके जिससे शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शांति - अमन बनी रहें।